मध्य-पूर्व तनाव का असर पंजाब तक: शादियों के सीजन में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी से होटल उद्योग परेशान
पटियाला। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब पंजाब के व्यापार और सेवा क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और मैरिज पैलेस संचालकों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, खासकर ऐसे समय में जब शादियों का सीजन पूरे चरम पर है।
व्यापारियों और होटल उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता अनियमित हो गई है। कई स्थानों पर समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे, जिससे बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले विवाह समारोहों और कार्यक्रमों की तैयारियों पर असर पड़ रहा है। कई मैरिज पैलेस और कैटरिंग सेवाओं को सीमित संसाधनों के साथ काम चलाना पड़ रहा है।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के अनुसार गैस सिलेंडर की कमी के कारण भोजन तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कुछ आयोजनों में मेन्यू को सीमित करना पड़ा है, जबकि कई जगहों पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ रहा है। इससे कारोबारियों की लागत बढ़ गई है और उन्हें आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
उद्योग से जुड़े लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की मांग बढ़ने के कारण कुछ जगहों पर कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि निर्धारित कीमत से अधिक राशि लेकर सिलेंडर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है, जिससे छोटे कारोबारियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि शादियों के मौसम में गैस की खपत सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में आपूर्ति बाधित होने से पूरे आयोजन की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि कमर्शियल गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि उद्योग को राहत मिल सके।
उधर संबंधित अधिकारियों का कहना है कि गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि आवश्यक कदम उठाकर बाजार में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि व्यापार और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में होटल और कैटरिंग उद्योग को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन शहरों में जहां बड़े पैमाने पर विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।


