साइबर धोखाधड़ी का खुलासा: मोहाली में राज्य साइबर क्राइम डिवीजन की कार्रवाई
मोहाली: पंजाब पुलिस की राज्य साइबर क्राइम डिवीजन ने महिलाओं को निशाना बनाने वाले बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके नकली प्रोफाइल बनाईं और खुद को धार्मिक, मानसिक या वैवाहिक सलाहकार के रूप में पेश किया। इसके माध्यम से उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से ठगा और विभिन्न रूपों में उनसे धन वसूला।
पुलिस ने बरामदगी में नकदी के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल फोन और अन्य उपकरण भी शामिल किए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह रैकेट अंतर-राज्यीय रूप से संचालित हो रहा था और इसकी जाँच अभी जारी है। पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति से ऑनलाइन संपर्क होने पर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध संदेश, कॉल या वित्तीय लेनदेन के मामले में तुरंत साइबर क्राइम डिवीजन या स्थानीय पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
इस मौके पर मोहाली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और साइबर अपराध के मामलों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध को रोकने के लिए जागरूकता और सतर्कता बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक और ऑनलाइन लेनदेन के डेटा को सुरक्षित रखें।
साइबर क्राइम विशेषज्ञों ने भी इस मामले पर चेतावनी जारी की है कि महिलाओं और युवाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बनने से बचने के लिए सुरक्षित इंटरनेट प्रैक्टिस अपनानी चाहिए। इसमें मजबूत पासवर्ड, दो-चरणीय प्रमाणीकरण और अज्ञात लिंक/एप्लिकेशन से दूरी बनाए रखना शामिल है।
इस अभियान के माध्यम से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में साइबर अपराध के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों में और भी संदिग्ध रैकेट के सदस्य सामने आने की संभावना है और जांच जारी रहेगी।


