Search

इजरायल का दावा—तेहरान में ईरान के शीर्ष नेतृत्व परिसर पर सटीक हमला, संघर्ष और गहरा

अंतरराष्ट्रीय समाचार | 3 मार्च 2026

इजरायल ने मंगलवार को कहा कि उसकी वायुसेना ने तेहरान के केंद्रीय इलाके में स्थित ईरान के शीर्ष नेतृत्व परिसर को निशाना बनाया है। इजरायली सेना Israel Defense Forces (IDF) ने आधिकारिक बयान में इसे “ईरानी शासन का सबसे अहम और संरक्षित मुख्यालय” बताया। सेना के अनुसार, सोमवार देर रात खुफिया सूचनाओं के आधार पर किए गए इस अभियान में राष्ट्रपति कार्यालय और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की इमारतों पर कई सटीक हमले किए गए। IDF का कहना है कि यही वह परिसर था जहां ईरान के शीर्ष सुरक्षा और राजनीतिक अधिकारी नियमित रूप से बैठकें करते थे तथा परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय रणनीतियों पर निर्णय लेते थे। इजरायल ने यह भी दावा किया कि यह परिसर कई सड़कों में फैला हुआ अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र है और इसे निशाना बनाना ईरानी कमांड ढांचे पर बड़ा प्रहार है। सेना के मुताबिक, इस कार्रवाई से ईरान की कमांड एवं नियंत्रण क्षमता को गंभीर झटका लगा है। यह वही परिसर है जिसका उपयोग ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei भी करते थे। ख़ामेनेई की शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमले में मौत हो चुकी है, जिसके बाद से हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।

ईरान की जवाबी कार्रवाई

ख़ामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद ईरान ने भी जवाबी कदम तेज कर दिए हैं। मंगलवार को रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला किया गया, जिससे आग लगी और सऊदी अधिकारियों के अनुसार सीमित नुकसान हुआ। इसके अलावा कुवैत में अमेरिकी दूतावास को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। एहतियातन दूतावास को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

अमेरिका का रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि सैन्य अभियान लंबा चल सकता है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में चार से पांच सप्ताह की योजना थी, लेकिन जरूरत पड़ने पर अभियान को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच हमले और तेज हुए तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।

बढ़ती वैश्विक चिंता

संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने हालात को चिंताजनक बताते हुए संयम और कूटनीतिक समाधान की अपील की है। तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर भी इस टकराव का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। तेहरान पर हुए इस ताजा हमले ने स्पष्ट कर दिया है कि संघर्ष अब केवल सीमित सैन्य कार्रवाई तक नहीं रहा, बल्कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व और रणनीतिक ढांचे को सीधे निशाना बनाया जा रहा है। आने वाले दिन क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

See all