ईरान और इज़रायल के बीच जारी संघर्ष अब और तेज हो गया है। इस युद्ध में संयुक्त राज्य अमेरिका की भागीदारी के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। कई शहरों पर किए गए हमलों में आम नागरिकों की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिनमें एक नवजात शिशु और उसकी दो वर्ष की बहन भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार ईरान के शहर अराक में हुए एक हमले में तीन दिन के नवजात बच्चे और उसकी दो वर्षीय बहन की मौत हो गई। इस हमले में बच्चों की मां और दादी की भी जान चली गई। ईरान के सुरक्षा बलों ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
इस बीच राजधानी तेहरान सहित कई अन्य शहरों में भी बड़े विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार तेहरान के उत्तरी हिस्से में स्थित सादाबाद पैलेस परिसर के पास जोरदार धमाके सुने गए। इसके अलावा करज, शहरियार और शिराज जैसे शहरों में भी हमलों की जानकारी मिली है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि उनका देश आत्मरक्षा का अधिकार रखता है। उन्होंने कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया है, लेकिन वह किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी के आगे झुकेगा नहीं।
मानवाधिकार संगठन Amnesty International की एक जांच में दावा किया गया है कि ईरान के मिनाब शहर में एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में कम से कम 170 लोगों की मौत हुई, जिनमें बड़ी संख्या में स्कूली छात्राएं शामिल थीं। रिपोर्ट के अनुसार यह हमला अमेरिका द्वारा किया गया था।
युद्ध के कारण पूरे क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। फरवरी के अंत से अब तक ईरान पर हुए हमलों में कम से कम 1,444 लोगों की मौत और 18,000 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
संघर्ष का असर खाड़ी क्षेत्र के कई देशों तक फैल गया है। संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह क्षेत्र में ड्रोन हमले के बाद एक तेल क्षेत्र में आग लगने की घटना सामने आई है। वहीं अबू धाबी में मिसाइल के मलबे के गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी पहचान पाकिस्तानी नागरिक के रूप में हुई है।
कतर ने भी अपने हवाई क्षेत्र में मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है। वहीं कुवैत और बहरीन ने भी कई ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है।
इस बीच लेबनान में भी तनाव बढ़ गया है। ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के शहर नहारिया पर हमला करने का दावा किया है। वहीं इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में सीमित जमीनी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इन हमलों के कारण लेबनान में दस लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। रिपोर्ट के अनुसार ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बीच ब्रिटेन और फ्रांस से इस जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए सहयोग की अपील की है। हालांकि यूरोप के कई देशों ने इस युद्ध में सीधे शामिल होने से इनकार कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रहा तो इसका असर न केवल मध्य-पूर्व बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी गहरा पड़ सकता है।