पंजाब को फिल्म हब बनाने की तैयारी, सरकार ने लॉन्च की ‘Punjab Film Promotion Policy 2026’
चंडीगढ़: पंजाब को फिल्म निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ‘पंजाब फिल्म प्रमोशन पॉलिसी 2026’ लागू करने की घोषणा की है। इस नई नीति के तहत फिल्म निर्माताओं और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आकर्षक और लचीला प्रोत्साहन ढांचा तैयार किया गया है। साथ ही मोहाली में एक आधुनिक फिल्म सिटी विकसित करने और फिल्म प्रोडक्शन से जुड़े कौशल विकास को बढ़ावा देने की योजना भी बनाई जा रही है।
यह जानकारी प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 के दौरान प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित मीडिया और एंटरटेनमेंट सत्र के पैनल डिस्कशन में सामने आई।
इस अवसर पर पंजाब आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि राज्य सरकार फिल्म निर्माताओं, निवेशकों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों के लिए सरकार पूरी तरह सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह दौर खत्म हो चुका है जब कुछ लोग राज्य की नकारात्मक छवि पेश करते थे।
पन्नू ने बताया कि फिल्म शूटिंग के लिए अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है और इसके लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे फिल्म निर्माताओं को कम समय में सभी जरूरी अनुमतियां मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पंजाब में शूटिंग करने वाले कलाकारों और तकनीकी टीम को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग से जुड़ी अनुमति प्रक्रिया को और सुगम बनाने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की योजना है। साथ ही पंजाब के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में दो अंतरराष्ट्रीय और चार घरेलू हवाई अड्डे हैं, जिससे देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए यहां पहुंचना आसान है।
इस दौरान इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका ने बताया कि नई नीति के तहत फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज के लिए पंजाब में किए गए प्रोडक्शन खर्च पर 25 प्रतिशत तक की पूंजी सब्सिडी दी जाएगी, जो अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक होगी। वहीं पंजाबी भाषा की फिल्मों के लिए 30 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 3.5 करोड़ रुपये रखी गई है।
इसके अलावा फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, वीएफएक्स स्टूडियो और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए भी 20 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य सिंगल-विंडो ऑनलाइन अनुमति प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से फिल्म निर्माताओं और निवेशकों को राज्य की ओर आकर्षित करना है।
अधिकारियों का कहना है कि इस नई नीति से पंजाब के मीडिया और एंटरटेनमेंट उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगभग 40 प्रतिशत कंटेंट पंजाबी भाषा से जुड़ा हुआ है, जो राज्य की रचनात्मक क्षमता और वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाता है।
सरकार का मानना है कि इस नीति के माध्यम से पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक प्रतिभा को वैश्विक मंच पर और मजबूती मिलेगी तथा राज्य में फिल्म निर्माण और संबंधित उद्योगों को नई गति मिलेगी।


