Kavinder Gupta ने बुधवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बीच सौहार्दपूर्ण और मजबूत संबंध बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव रहा है, जिसे आगे भी सहेजकर रखने की जरूरत है।
राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद अपने गृह राज्य जम्मू के पहले दौरे पर पहुंचे कविंदर गुप्ता का वहां गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए वे Droupadi Murmu और Narendra Modi के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यह अवसर उन्हें प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य करने और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का मौका देता है।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार की अपेक्षा यही है कि विकास कार्यों में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लोगों के बीच आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना हमेशा बनी रहनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ हिमाचल में कथित दुर्व्यवहार के सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच अच्छे संबंध होना बेहद जरूरी है और हर नागरिक को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों की भाषा, संस्कृति और परंपराएं काफी हद तक एक-दूसरे से मिलती हैं।
कविंदर गुप्ता ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि डोगरा शासकों के समय हिमाचल के कुछ हिस्से भी उनके शासन क्षेत्र में शामिल थे। आज भी यहां के लोकगीतों में चंबा और कांगड़ा जैसे स्थानों का जिक्र मिलता है, जो दोनों क्षेत्रों के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।
66 वर्षीय कविंदर गुप्ता इससे पहले लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। जुलाई 2025 में उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया था और उन्होंने करीब आठ महीने तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया। इससे पहले वे जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और जम्मू के महापौर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।