हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी, अटल टनल के पास 1000 से ज्यादा वाहन फंसे
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार सुबह ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं मनाली में पुलिस ने अटल टनल की ओर से फंसे वाहनों को निकालने के लिए अभियान जारी रखा। बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई, जिससे कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।
अधिकारियों के अनुसार रविवार रात कुल्लू जिले में रोहतांग के पास अटल टनल के दक्षिणी छोर पर बर्फबारी के बाद सड़कें फिसलन भरी हो गईं। इसके चलते करीब 1000 से अधिक वाहन वहां फंस गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने वाहनों को सोलंग नाला से आगे जाने पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर फंसे वाहनों को सुरक्षित निकालने में जुटी रहीं।
इस बीच धौलाधार पर्वत श्रृंखला में भी सोमवार सुबह हल्की बर्फ की परत देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में शिमला जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में 10.2 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। इसके अलावा कल्पा में 6.4 सेंटीमीटर, किन्नौर में 6 सेंटीमीटर और लाहौल-स्पीति में लगभग 2 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई।
राज्य के कई इलाकों में बारिश भी हुई। सलूणी (चंबा) सबसे अधिक बारिश वाला स्थान रहा, जहां पिछले 24 घंटों में 32 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद सराहन में 29.5 मिमी, भाबा नगर में 29 मिमी, रामपुर में 28 मिमी, कटौला में 23.4 मिमी और मनाली में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम में आए बदलाव के कारण कई स्थानों पर तेज हवाएं और ओलावृष्टि भी हुई। सुंदरनगर में मध्यम स्तर का कोहरा देखा गया, जबकि शिमला में ओलावृष्टि हुई। वहीं कुफरी और जुब्बरहट्टी सहित कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलीं।
India Meteorological Department ने राज्य के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार बुधवार और गुरुवार को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि शुक्रवार तक गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
बर्फबारी और बारिश के बाद राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। ताबो (लाहौल-स्पीति) में न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे ठंडा रहा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से 16 मार्च के बीच हिमाचल प्रदेश में केवल 15.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य वर्षा 60.7 मिमी मानी जाती है। इस तरह राज्य में लगभग 74 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मार्च के महीने में होने वाली बारिश रबी फसलों के लिए लाभदायक मानी जाती है। इससे खेतों में नमी बढ़ती है और गेहूं सहित अन्य फसलों को अच्छा फायदा मिल सकता है।


