शिमला। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक 18 वर्षीय युवक की बहादुरी की मिसाल सामने आई है। आईटीआई में पढ़ाई कर रहे युवक ने अचानक हुए तेंदुए के हमले का निहत्थे ही सामना किया और करीब 10 से 12 मिनट तक चले संघर्ष के बाद तेंदुए को मार गिराया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में युवक के साहस की चर्चा हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार अरकी क्षेत्र के सरली गांव का रहने वाला युवक सुबह करीब 7 बजे अपने घर से दूध लेने के लिए निकला था। जब वह गांव के पास खेतों के रास्ते से गुजर रहा था, तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से युवक कुछ पल के लिए घबरा गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और तेंदुए से भिड़ गया।
संघर्ष के दौरान तेंदुए ने युवक पर कई बार हमला किया, जिससे उसके हाथ और शरीर पर खरोंचें आईं। बावजूद इसके युवक ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए तेंदुए के जबड़े पकड़ लिए और उसे काबू में करने की कोशिश करता रहा। करीब 10 से 12 मिनट तक चले इस खतरनाक संघर्ष के बाद तेंदुआ कमजोर पड़ गया और अंततः उसकी मौत हो गई।
युवक के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था। कई बार इसकी सूचना वन विभाग को भी दी गई थी। घटना के बाद गांव के लोगों ने युवक की बहादुरी की सराहना की और उसे साहसी बताया।
वन विभाग के अधिकारियों ने भी युवक के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के हालात में धैर्य और साहस से काम लेना बेहद महत्वपूर्ण होता है। विभाग ने युवक को तत्काल राहत के रूप में आर्थिक सहायता भी प्रदान की है।
विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों का क्षेत्र घटने और मानव बस्तियों के लगातार विस्तार के कारण जंगली जानवरों का रिहायशी इलाकों की ओर आना बढ़ गया है, जिसके चलते इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।