टी20 विश्व कप के समापन के बाद कुछ अंतरराष्ट्रीय टीमों के यात्रा कार्यक्रम में हुई देरी और अव्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने स्पष्टीकरण जारी किया है। आईसीसी ने कहा कि टूर्नामेंट के बाद कई टीमों के एक साथ प्रस्थान और सीमित उड़ानों की उपलब्धता के कारण यात्रा व्यवस्थाओं में अस्थायी कठिनाइयां सामने आईं।
आईसीसी अधिकारियों के अनुसार विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के बाद विभिन्न देशों की टीमों, सपोर्ट स्टाफ और आधिकारिक प्रतिनिधियों की वापसी के लिए बड़ी संख्या में उड़ानों की आवश्यकता होती है। कुछ परिस्थितियों में सुरक्षा प्रोटोकॉल, हवाई मार्गों में बदलाव और सीमित उड़ानों के कारण सभी टीमों को तुरंत रवाना कराना संभव नहीं हो पाता। इसी कारण कुछ टीमों को निर्धारित समय से अधिक समय तक रुकना पड़ा।
इस बीच सोशल मीडिया और कुछ हलकों में यह आरोप भी लगाए गए कि कुछ टीमों को प्राथमिकता दी गई जबकि अन्य टीमों को इंतजार करना पड़ा। हालांकि आईसीसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी टीमों के साथ समान व्यवहार किया गया और यात्रा व्यवस्थाएं पूरी तरह उपलब्ध संसाधनों और सुरक्षा दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की गई थीं।
आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए किसी भी टीम को जल्दबाजी में ऐसे मार्ग से भेजना उचित नहीं होता जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप न हो। परिषद ने कहा कि आयोजन के दौरान और उसके बाद सभी व्यवस्थाएं संबंधित एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से की जाती हैं।
टूर्नामेंट के सफल आयोजन के बाद टीमों की वापसी प्रक्रिया भी बड़े स्तर पर समन्वय की मांग करती है। इसमें एयरलाइंस, सुरक्षा एजेंसियों, क्रिकेट बोर्डों और आयोजन समितियों के बीच तालमेल जरूरी होता है। आईसीसी के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में अस्थायी देरी होना असामान्य नहीं है।
आईसीसी ने कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थितियों से बचने के लिए यात्रा प्रबंधन और समन्वय व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर भी काम किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों और टीमों को अधिक सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा मिल सके।
परिषद ने सभी क्रिकेट बोर्डों और टीमों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टूर्नामेंट के दौरान और उसके बाद सभी पक्षों ने धैर्य और सहयोग का परिचय दिया, जिससे पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा किया जा सका।