हरियाणा के किसानों ने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में राज्यव्यापी ट्रैक्टर मार्च आयोजित किया
कुरुक्षेत्र/यमुनानगर: हरियाणा के किसानों ने प्रस्तावित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में राज्यभर में व्यापक ट्रैक्टर मार्च और प्रदर्शन आयोजित किए। इस आंदोलन में कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, पानीपत और आसपास के जिलों के किसान शामिल हुए।
किसानों ने कहा कि यह समझौता उनकी आजीविका और कृषि उत्पादों की कीमतों पर गंभीर असर डाल सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कृषि कानूनों और व्यापार समझौतों में किसानों की चिंता को गंभीरता से लिया जाए। मार्च के दौरान किसानों ने कृषि उत्पादों के मूल्य, न्यूनतम समर्थन मूल्य और उचित मुआवजे की मांग को प्रमुखता से उठाया।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने 23 मार्च को पिपली, कुरुक्षेत्र में “किसान-मजदूर जन क्रांति रैली” आयोजित करने की घोषणा की, जिसमें राज्यभर के किसान और मजदूर शामिल होंगे।
इस मौके पर किसानों ने एकजुटता का संदेश दिया और सभी कृषि-क्षेत्र से जुड़े लोगों से अपने हक के लिए आवाज उठाने की अपील की। प्रदर्शन largely शांतिपूर्ण रहे, लेकिन इसके माध्यम से सरकार और जनता दोनों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि किसानों की सुरक्षा, आजीविका और कृषि हित सर्वोपरि हैं।
किसानों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाना और समझौते में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन हरियाणा के किसानों और मजदूरों के लिए भविष्य में सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


