वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतों में तेजी, सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ी मांग
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
सर्राफा बाजार के कारोबारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम बढ़ने का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में पिछले कुछ दिनों से सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके चलते निवेशकों के साथ-साथ ज्वेलरी खरीदारों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में अस्थिरता बढ़ती है, तब सोना निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बन जाता है। यही कारण है कि महंगाई, मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसी परिस्थितियों में सोने की मांग में तेजी देखने को मिलती है।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजारों की अनिश्चित स्थिति भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद में बढ़ोतरी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों को सहारा दे रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों में अस्थिरता बनी रहती है, तो सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
वहीं ज्वेलरी कारोबारियों का मानना है कि शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन के दौरान सोने की मांग में और तेजी आ सकती है। ऐसे में घरेलू बाजार में भी कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। आर्थिक विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि सोने में निवेश करते समय बाजार की स्थिति और कीमतों के रुझान को ध्यान में रखकर ही निर्णय लें।


