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पानी की सुरक्षा पर मंडराता खतरा: सकेतड़ी का बूस्टिंग स्टेशन बना नशा तस्करों का ठिकाना, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

पंचकूला, 13 फरवरी : ग्राम सकेतड़ी स्थित 700 के.एल. क्षमता वाला बूस्टिंग स्टेशन इन दिनों गंभीर लापरवाही और अव्यवस्था के चलते नशा तस्करी एवं असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। इस स्थिति को लेकर गांव के लोगों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल देखने को मिल रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, बूस्टिंग स्टेशन में कार्यरत कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति नहीं रहती, जिसका फायदा उठाकर अज्ञात व्यक्ति यहां डेरा जमाए रहते हैं। बताया जा रहा है कि उक्त स्थान पर नशा करना, शराब पीना और संदिग्ध गतिविधियां आम हो चुकी हैं, जिसके कारण गांव में छोटी-मोटी आपराधिक घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इसी प्रकार लापरवाही जारी रही तो कोई असामाजिक तत्व पानी के स्रोत में नशीले अथवा जहरीले पदार्थ मिला सकता है, जिससे गांव में बड़ी अप्रिय घटना घटने का खतरा बना हुआ है।गांव में स्थित सकेतड़ी क्षेत्र में भोले बाबा का प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर भी है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

आगामी त्यौहारों के मद्देनज़र श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि पानी की शुद्धता और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बेहद गंभीर परिणाम ला सकती है। श्रद्धालुओं और गांववासियों की आस्था एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

इस संबंध में ग्राम के नंबरदार गुरुतेज सिंह (भोला जी) ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों तथा पूर्व पार्षद को भी इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को भी बार-बार सूचित किया जा चुका है। बूस्टिंग स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारी सुभाष शर्मा, जेई इंद्रजीत तथा एसडीओ धर्मेंद्र को भी लगातार इस विषय की जानकारी दी जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाई है।

ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बूस्टिंग स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत मजबूत किया जाए, नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गांव के लोगों की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की आस्था और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था बनी रह सके।

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