नेचर कैंप थापली छात्रों के लिए बन रहा आकर्षण का केंद्र — नरेंद्र सिंह, युवा कल्याण संयोजक
पीजीआई रोहतक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने 3 दिवसीय नेचर कैंप थापली भ्रमण में लिया उत्साहपूर्वक भाग
पीजीआई रोहतक के विद्यार्थियों ने 3 दिवसीय नेचर कैंप थापली भ्रमण में उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह भ्रमण हरियाणा सरकार के युवा कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।
युवा कल्याण संयोजक नरेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास, कौशल संवर्धन और व्यक्तित्व निर्माण के लिए निरंतर प्रभावी योजनाएं चला रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरणीय जागरूकता से भी सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोजित नेचर कैंप, ट्रैकिंग कार्यक्रम, कौशल विकास शिविर और जागरूकता अभियान युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को नेचर कैंप थापली जैसे प्राकृतिक एवं महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करवाने का उद्देश्य उन्हें हरियाणा की प्राकृतिक धरोहर, जैव विविधता और पर्यावरणीय समृद्धि से परिचित कराना है। इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं तथा उन्हें प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस 3 दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत हरियाणा एवं पंजाब के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है, ताकि वे प्रकृति की सुंदरता का अनुभव कर सकें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बन सकें। यह कैंप युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व कौशल और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ करता है।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस विद्यार्थियों ने वन विभाग के अधिकारियों द्वारा जलवायु परिवर्तन विषय पर आयोजित व्याख्यान में भाग लिया। यह व्याख्यान डिप्टी रेंजर विजय नेहरा द्वारा दिया गया, जिसमें विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, वन संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
द्वितीय दिवस विद्यार्थियों ने ट्रैकिंग गतिविधि में भाग लेकर प्राकृतिक वातावरण का अनुभव किया और प्रकृति के निकट रहकर सीखने का अवसर प्राप्त किया। ट्रैकिंग के माध्यम से विद्यार्थियों ने जंगल की जैव विविधता, वन्यजीवों के महत्व तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता को समझा।
यह 3 दिवसीय नेचर कैंप न केवल विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित कर रहा है, बल्कि युवाओं में सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना भी जागृत कर रहा है। हरियाणा सरकार की यह पहल युवाओं को प्रकृति से जोड़ते हुए उन्हें भविष्य के लिए जागरूक और प्रतिबद्ध बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम सिद्ध हो रही हैं


