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160 करोड़ बैंक घोटाला: आत्मसमर्पण के बाद जांच ने पकड़ी रफ्तार, बड़े खुलासों के संकेत

पंचकूला के सामने आए 160 करोड़ रुपए की एफडी घोटाले की जांच तेज हो रही है। मामले में एक अहम घटना सामने आई जब कोटक महिंद्रा बैंक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने एंटी करप्शन ब्यूरो के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस कदम के बाद जांच एजेंसियों ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

यह मामला पंचकूला नगर निगम की एफडी में जमा किए गए राशि के गबन से जुड़ा है। जांच में यह सामने आया है कि  रकम को योजना बनाकर अलग-अलग तरीके से विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच एजेंसियों ने इस पूरे मामले में बैंकिंग सिस्टम और कई अधिकारियों के मिले होने की आशंका जताई है।

मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि एचडी को तोड़कर निकल गई राशियों को अलग-अलग खातों में भेजा गया और बाद में इसे ऊंचे ब्याज पर बाजार में चला दिया गया। जानकारी में बताया गया कि इस राशि को बिल्डरों और अन्य लोगों को तीन से पांच प्रतिशत ब्याज पर उधार दिया गया, जिससे एक समान दिखाते नेटवर्क तैयार होने की आशंका जताई।

जांच के दौरान कुछ हम गिरफ्तारियां भी की जा चुकी हैं, जिसे मामले की परते खुलती जा रही हैं। एक मामले में यह भी बताया जा रहा है कि आम नागरिकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग भी किया गया है, जिससे इस घोटाले की गंभीरता और बढ़ गई है।

आत्मसमर्पण करने वाले अधिकारी से पूछताछ के दौरान और जांच एजेंटीयों को इस नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इसको ताले को किस प्रकार अंजाम दिया गया और इसमें किन- किन लोगों की भूमिका है और धनराशि को किन मध्य में से बांटा गया।

यह मामला पंचकूला के बड़े पत्ते घोटाले में से एक माना जा रहा है, जिसने बैंकिंग व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं  की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी आगे कार्यवाही करने में जुटी हुई है और आने वाले समय में कई तरह के बड़े खुलासे कर सकती है।

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