हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के बाद शुरू हुआ क्रॉस वोटिंग विवाद अब और गहराता जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर उठे सवालों के बीच अब पांचवें विधायक का नाम भी सामने आ गया है, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।मामला उस समय गरमाया जब राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के कुछ विधायकों पर पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर मतदान करने के आरोप लगे। इस क्रॉस वोटिंग ने न केवल पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े किए, बल्कि संगठन के भीतर चल रही खींचतान को भी उजागर कर दिया। पहले चार विधायकों के नाम सामने आने के बाद अब रतिया से कांग्रेस विधायक जर्नैल सिंह का नाम पांचवें विधायक के रूप में सामने आया है।कांग्रेस नेतृत्व ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जर्नैल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है और यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें निलंबन या पार्टी से निष्कासन तक के विकल्प शामिल हैं।पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत आचरण का मामला नहीं है, बल्कि संगठनात्मक अनुशासन से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विधायक द्वारा पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करना अस्वीकार्य है और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस पूरे घटनाक्रम ने हरियाणा कांग्रेस के भीतर चल रहे आंतरिक मतभेदों को भी उजागर कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्रॉस वोटिंग की घटनाएं पार्टी के भीतर गुटबाजी और असंतोष का संकेत देती हैं, जो आने वाले चुनावों में पार्टी के लिए चुनौती बन सकती हैं।गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव बेहद करीबी मुकाबले में संपन्न हुआ था, जिसमें एक-एक वोट की अहम भूमिका रही। ऐसे में क्रॉस वोटिंग ने परिणामों को प्रभावित करने की आशंका को भी जन्म दिया है।फिलहाल, सभी की नजरें अब संबंधित विधायक के जवाब और कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इस मामले में किस स्तर तक कार्रवाई करती है और इसका प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।