हरियाणा के हिसार में एक स्कूल से सामने आई छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अनुशासन के नाम पर छात्राओं को दी गई कथित शारीरिक सजा अब बड़े विवाद का रूप ले चुकी है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।
बताया जा रहा है कि स्कूल में कुछ छात्राओं को सरेआम उठक-बैठक जैसी सजा दी गई, जिससे न केवल उनका शारीरिक बल्कि मानसिक उत्पीड़न भी हुआ। इस घटना के सामने आते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया और जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर दी है। आयोग ने साफ कहा है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक या अपमानजनक सजा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा।
जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए गए, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है—क्या स्कूल अब शिक्षा के मंदिर रह गए हैं या सजा के अड्डे बनते जा रहे हैं? बच्चों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा को लेकर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।