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पंचकूला में खराब इंफ्रास्ट्रक्चर पर मानवाधिकार आयोग सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार

पंचकूला: शहर में बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति को लेकर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत और विकास कार्यों में देरी पर गंभीर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

यह मामला शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी दो शिकायतों की सुनवाई के दौरान सामने आया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता दीपांशु बंसल ने पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMDA) द्वारा पेश की गई रिपोर्ट का विरोध किया और उसे भ्रामक बताया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि सेक्टर-15 और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-II के पास बनने वाली सड़क निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार तैयार नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और निर्माण कार्य में उचित तकनीकी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

आरोपों के अनुसार, सड़क निर्माण में लेवलिंग, परत बिछाने और मशीनों के उपयोग की बजाय केवल रेत, पत्थर और अन्य कच्चा सामग्री डालकर इसे अस्थायी रूप से उपयोग लायक बना दिया गया। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। आयोग ने अधिकारियों के ढीले रवैये और लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि सार्वजनिक हित के मामलों में इस तरह की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

साथ ही आयोग ने यह भी कहा कि तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों का हवाला देकर काम में देरी को सही नहीं ठहराया जा सकता। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें और आवश्यक सुधारात्मक कदम जल्द उठाएं।

कुल मिलाकर, इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलते हैं कि अब पंचकूला में विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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